महापौर ने हिम्मत दिखाई: नगर निगम में खुशी छाई ... !
उज्जैन। तो आखिरकार लंबे इंतजार के बाद अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी। महापौर परिषद ने। इस स्वीकृति का लंबे समय से इंतजार था। किन्तु राजनीतिक दबाव के चलते अनुमति नहीं मिल रही थी। आज महापौर ने इस दबाव को दरकिनार कर दिया। जिसके बाद सेवानिवृत्त सहायक यंत्री पर मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है।
सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री अरूण जैन (मूलपद सहायक यंत्री) पर अब लोकायुक्त न्यायालय में मुकदमा चलेगा। जिसके लिए महापौर मुकेश टटवाल ने आज हिम्मत दिखाई। तभी तो मेयर-इन- काउंसिल की बैठक में फैसला हो गया। जबकि पिछले 1 साल से अभियोजन स्वीकृति का मामला अटका पड़ा था। 2 दफा नगर निगम आयुक्त रोशनसिंह इसे एमआईसी में भेज चुके थे। हर बार प्रस्ताव वापस लौटा दिया जाता था। इस बार जब यह प्रस्ताव एमआईसी में आया। तो महापौर मंत्रिमंडल ने इस पर अपनी मोहर लगा दी। जिसके बाद निगम के गलियारों में चर्चा है। महापौर ने हिम्मत दिखाई: नगर निगम में खुशी छाई ... !
यह है मामला ...
आरएमविनो इंटरप्राइजेस फर्म का यह मामला है। यह बिल्डिंग देवास रोड स्थित होटल आश्रय के सामने बनी है। जिसके निर्माण की अनुमति आवासीय थी, किन्तु उसका व्यवसायिक उपयोग किया गया। जिसको लेकर लोकायुक्त में शिकायत हुई थी। इसकी जांच उज्जैन लोकायुक्त से ना करवाकर, इंदौर लोकायुक्त कार्यालय से करवाई गई थी। जिसमें रामबाबू शर्मा, अरूण जैन व मिनाक्षी शर्मा दोषी पाये गये थे। इसमें से रामबाबू शर्मा की अभियोजन स्वीकृति शासन स्तर से हो गई। मिनाक्षी शर्मा की स्वीकृति नगर निगम पहले ही दे चुका है। वह निलंबित है। चालान पेश हो चुका है। किन्तु अरूण जैन की लंबित थी। कारण ... उनका मूलपद सहायक यंत्री था। जिसका नियोक्ता एमआईसी है। एमआईसी से ही अनुमति होनी थी। 1 साल से राजनीतिक दबाव था। जो आज हट गया और अभियोजन की स्वीकृति हो गई।