संगठन की फटकार से रिपोर्ट के इंतजार तक, महाकाल सब देख रहे हैं
उज्जैन | एक पखवाड़ा गुजरने को है। विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष का प्रकरण ठंडा होता जा रहा है। संभवतः इंतजार भी इसी का था। सुनने में आया है कि संगठन ने विधायक को बुलाकर फटकारा है। लेकिन, हमने भी बस सुना ही है। हां ठीक भी है। फटकार किसी ने देखी नहीं है। फोटो भी जारी हुआ था, जिसमें सब मुस्कुरा रहे थे। संगठन मुस्कुराते हुए ही फटकारता है। बड़े लोग हैं भाई, चिल्लाएंगे थोड़े ही। स्कूल के बच्चे की तरह दीवार से सटाकर खड़ा थोड़े ही कर देंगे। विधायक से कहा गया है कि बेटे पर नियंत्रण रखे। मतलब ये तो माना ही गया है कि अभी बेलगाम है।
खैर। हमें क्या? हम तो जांच पर आते हैं। एक आदमी ने जबरदस्ती बाबा महाकाल के गर्भगृह में घुसने की कोशिश की। कर्मचारी से बदतमीजी की। इतनी सी घटना है। ऐसा नहीं है कि पहली बार हुई है। पिछली बार जब हुई थी तो आरोपी तुरत-फुरत जेल की सैर पर भी भेज दिया गया था। इस बार मामला थोड़ा कड़क है। विधायक के बेटे का मामला है और विधायक भी सरकार का। सरकार पर किसका बस चलता है। बस तो सरकार वाले की ही चल रही है। मंदिर में अमला सरकारी, विधायक भी सरकारी तो जांच भी सरकारी और जांच की गति भी सरकारी।
देर होना भी थी। सावन सोमवार और नाग पंचमी एक के बाद एक आ गए। नाग पंचमी से याद आया। क्या भीड़ थी, 8.60 लाख लोग नागचंद्रेश्वर के दर्शन पाकर धन्य हुए। हिसाब लगाकर देखा तो हर मिनट में करीब 600 और हर एक सेकेंड में 10 लोगों ने दर्शन किए। सोचिए, कितनी भयंकर स्पीड रही होगी दर्शन की। इतनी स्पीड में इतने स्मूद तरीके से नाग पंचमी निकल गई।
फिर भी, सुना तो है कि अगले हफ्ते रिपोर्ट आएगी। गाज किस पर गिरेगी, कौन जाने। कोशिश क्या की जा रही है, इसका अनुमान तो सब लगा ही रहे हैं। अब अगर विधायक पुत्र को बिना खरोंच लगाए जांच रिपोर्ट में बचा भी लिया जाएगा तो क्या ही बिगड़ जाएगा। महाकाल कौन सा नाराज हो रहे हैं। वो तो बस देख रहे हैं। कहते हैं ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती लेकिन हमारे बाबा के पास तो त्रिशूल है।
क्या होगा, कैसे होगा, कितना होगा और कब होगा। सारे सवाल जांच रिपोर्ट पर टिके हैं। रिपोर्ट कब आएगी अभी कयास ही लगाए जा रहे हैं। हम इंतजार कर रहे हैं। चुपचाप। जैसे हमेशा करते हैं।