जब आयुक्त ने 'कचरा' अफसर से उठवाया ...!

नगर निगम में चर्चा ...

जब आयुक्त ने 'कचरा' अफसर से उठवाया ...!

उज्जैन। आगामी 1 अक्टूबर को स्वच्छता में उज्जैन को भी पुरस्कार मिलेगा। नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम होगा। यह खुशी का अवसर है। जिसके चलते आयुक्त इन दिनों सातवें आसमान पर है। तभी तो मंगलवार को इस खुशी में यह कदम उठा लिया। उन्होंने अपने मातहत अधिकारी को अनोखी सजा सुना दी। इस सजा के चलते एक अधिकारी को सड़क पर पडा कचरा खुद उठाना पडा।

ऊपर लिखी यह घटना 100 प्रतिशत सच है। जिसके चश्मदीद गवाह भी है। घटना स्थल इंदौर रोड का बताया जा रहा है। निगम के स्वास्थ्य विभाग में  यह चर्चा आम है। एक तरफ तो उज्जैन को स्वच्छता में पुरस्कार मिलने जा रहा है। वही दूसरी तरफ निगम आयुक्त ने इतिहास बनाते हुए अपने ही मातहत अधिकारी को कचरा उठाने पर मजबूर कर दिया। नतीजा दबी जुबान से कर्मचारी बोल रहे है। आयुक्त ने कचरा उठवाया... अधिकारी को रोना आया... !

यही उठायेंगा ...

नगर निगम में अभी तक कितने ही आयुक्त आकर, वापस जा चुके है। मगर आज तक किसी भी आयुक्त ने अपने मातहतों को इतना जलील नहीं किया। आयुक्त की कार्यशैली के चलते कई मातहत इसके शिकार हो चुके है। ताजा मामला मंगलवार का है। जब शिवराज केबिनेट का आगमन होने वाला था। उसी सुबह 7 बजे की घटना है। आयुक्त सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने निकले थे। इंदौर रोड़ स्थित भव्य होटल के आसपास की घटना है। यहां पर प्लास्टिक डिस्पोजल व कचरा आयुक्त को दिख गया। यह देखकर आयुक्त का पारा सातवें आसमान पर था पहले उन्होंने अपनी चिरपरिचित शैली में फटकार लगाई। जब कचरा उठाने के लिए अधिकारी के मातहत आगे आये। तो आयुक्त ने रोक दिया। साफ-साफ लफ्जों में कहा। कचरा यही उठायेंगा। बेचारे ... अधिकारी की मजबूरी थी। उन्होंने खुद अपने हाथों से कचरा उठाया। जिसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग निगम के भरोसेमंद सूत्र भी कर रहे है।

रो दिये अधिकारी ...

हमारे भरोसेमंद सूत्रों कहना है। आयुक्त ने जब कहा ... कचरा यही उठायेंगा। तो यह सुनकर अधिकारी व साथ मौजूद कर्मचारी आश्चर्य में पड गये। लेकिन बड़े साहब का आदेश था। तो अधिकारी ने आदेश का पालन किया। इस दौरान उनकी आंखो में आंसू थे। देखने वाले तो यही बता रहे है। वैसे भी इस बात पर यकीन किया जा सकता है। अगर किसी विभाग के मुखिया को, उसके मातहतों के सामने कचरा उठाने का आदेश दिया जाये। तो मानवीय दृष्टिकोण यही संकेत देता है कि ... सजा पाने वाले अफसर की आंख में आंसू ही आयेंगे। घटना के बाद अधिकारी यह बोल रहे है कि ... मुझे बेइज्जत कर दिया।

इनका कहना है ...

घटना को लेकर अनोखी सजा पाने वाले अधिकारी से बात हुई। बुधवार की रात को उन्हें फोन किया। चुप रहेंगे डॉट कॉम ने। उनको अपना नाम बताया। फिर घटना का जिक्र किया। तो उनका कहना था। अभी वह परिवार के साथ है। गुरूवार को समक्ष में बात करेंगे। लेकिन गुरूवार को उनका फोन नहीं आया।

पूर्वाभ्यास ...

एक तरफ जहां उज्जैन के शिवाजी भवन में कचरा उठवाने की चर्चा जोरो पर है। वहीं इंदौर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, देश में स्वच्छता का प्रथम पुरस्कार लेने दिल्ली पहुंच गई है। मप्र का गौरव इंदौर, स्वच्छता में इस बार भी प्रथम स्थान पर है। लगातार छटवी बार इंदौर देश में बाजी मार रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों पुरस्कार मिलेगा। जिसके लिए निगम आयुक्त इंदौरने तालकटोरा स्टेडियम में पूर्वाभ्यास किया। उनका उद्बोधन भी होगा। इसी कारण से वह 2 दिन पहले ही दिल्ली पहुंच गई है। यहां यह लिखना जरूरी है कि ... प्रतिभा पाल उज्जैन निगम आयुक्त भी रह चुकी है। उनके कार्यकाल में नगर निगम उज्जैन देश में 3 से 5 लाख आबादी वाली केटेगरी में प्रथम आया था।