" सजा " चाय" इनाम ". कप्तान का अनोखा काम...!

" सजा " चाय" इनाम ". कप्तान का अनोखा काम...!

उज्जैन।पुलिस कप्तान अपने मातहतों के बीच फिर चर्चाओं में है।

खासकर निचले पदक्रम वाले पुलिस कर्मियों के बीच।जिनको सज़ा तो हर कोई दे देता है, लेकिन अगर अच्छा काम किया तो *इनाम* के लिए कोई नहीं पूछता है।भूले भटके अगर इनाम के लिए नाम चयनित भी हो जाए, तो जब तक अवसर आता है।तब तक इनाम की *ख़ुशी* खत्म हो जाती है।

इसका इलाज निकाला है कप्तान प्रदीप शर्मा ने।बाकायदा एक बुक छपवा कर अपने साथ रखते है।अभी इसकी शुरूआत ही करी है।

जहाँ भी निरीक्षण पर गए तो बुक गाड़ी में मौजूद रहती है।मकसद साफ है।गलती पर सज़ा और अच्छे काम पर तत्काल इनाम।बस,पुस्तिका गाड़ी से बुलवाते है।उस पर खुद संबंधित का नाम लिखते है।पदनाम ओर कितना इनाम।फिर तत्काल संबंधित को वह प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित कर देते है।सोशल मीडिया का दौर है।इस लिए सम्मानित आरक्षक/प्रधान आरक्षक के साथ फोटो भी खिंचवाने में देर नहीं करते है।इससे निचले पदक्रम वाले सिपाही सबसे ज्यादा खुश है। रही बात सज़ा के उदाहरण की।तो अभी अभी नीलगंगा थाने का निरीक्षण किया था।जो 10 लोग गायब मिले।1 दिन का वेतन काट लिया।जिसका असर यह पड़ा है।अब हर थाने पर समय पर थाना प्रभारी और स्टाफ नजर आने लगा है।वजह कप्तान का डर है।क्या पता अगले किस थाने पर गाज गिर जाए।इसके अलावा इन ठंडी हवाओं के बीच अपना कर्तव्य निभाते वर्दीवालों के लिए कप्तान ने गर्मा -गर्म *चाय* योजना को लागू किया है।जिससे सभी वर्दीधारी उनका गुणगान कर रहे है।तभी तो वर्दी वाले बोल रहे है।सज़ा -चाय- इनाम-कप्तान का अनोखा काम।