बाकी सभी सुनेंगे... केवल 'मुख्यमंत्री' बोलेंगे..बधाई हो..!

बाकी सभी सुनेंगे... केवल 'मुख्यमंत्री' बोलेंगे..बधाई हो..!

उज्जैन। इतिहास में यह पहला मौका होगा जब मध्यप्रदेश के हर जिले का प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री का संदेश वाचन नहीं पढ़ेगा, बल्कि केवल सुनेंगे। वे झंडावंदन करेंगे, सलामी लेंगे, मगर संदेश खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मूल आवाज में ही सुनाई और दिखाई देगा, एलईडी के माध्यम से।

अभी तक का इतिहास रहा है कि 15 अगस्त के मुख्य कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री पहले झंडावंदन करते थे। उसके बाद मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करने की प्रथा या परंपरा बन गई थी। मगर अब नया इतिहास रचा जा रहा है। 40 से 50 पेज का उद्बोधन पढ़ते-पढ़ते, खुद प्रभारी मंत्री या कलेक्टर हांफने लगते थे। कार्यक्रम में उत्साह की जगह नीरसता छा जाती थी और जनता भी सुनते-सुनते परेशान हो जाती थी। इधर अधिकारीगण भी उसी संदेश वाचन पुस्तिका से खुद को ‘हवा’ देने लगते थे। मगर इस बार शायद ऐसा नहीं होगा, क्योंकि खुद मुख्यमंत्री अपना उद्बोधन पढ़ने वाले हैं। राजधानी के सूत्र भी यही इशारा कर रहे हैं।

गौरव के पल...
वाकई यह उज्जैन के लिए गौरव के पल होंगे, क्योंकि वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह महसूस किया है कि आज़ादी पर्व के दिन संदेश वाचन आम आदमी और अधिकारियों के लिए समय काटने का जरिया भर रह गया था। तभी उन्होंने इस प्रथा को बदलने का मन बना लिया है, जो इतिहास में ‘नया आज़ादी पर्व’ के नाम से अमिट स्याही से लिखा जाएगा। न इतना वक्त लगेगा और न ही आम जनता, स्कूलों के बच्चे, पुलिस, अधिकारी और खुद प्रभारी मंत्रीगण ‘बोरिंग’ महसूस करेंगे। इसी कारण उज्जैन के सपूत डॉ. मोहन यादव के इस निर्णय का हम दिल से स्वागत करते हुए, अपनी आदत के अनुसार चुप हो जाते हैं।

1000 शब्द का भाषण
मुख्यमंत्री ही बोलेंगे... बाकी सभी सुनेंगे। इसमें एक नई बात यह जुड़ी है कि हर जिले को 1000 शब्दों का भाषण तैयार करना है, जिसे मुख्यमंत्री के बाद उस जिले में उपस्थित मुख्य अतिथि वाचेंगे।